Sunday, November 30, 2008















दिनांक २३ अक्टूबर २००८ को भारत भवन भोपाल में स्वर्गीय विभा मिश्रा स्मृति चार दिवसीय समारोह में tirkarsh नाट्य समूह द्वारा "स्त्री मेरे भीतर" का नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया।





12 comments:

Udan Tashtari said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका हार्दिक स्वागत है. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाऐं.

एक निवेदन: कृप्या वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें तो टिप्पणी देने में सहूलियत होगी.

Suresh Chiplunkar said...

ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है, खूब लिखें, अच्छा लिखें… तरक्की करें… बहुत-बहुत शुभकामनायें… एक अर्ज है,कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें, हिन्दी ब्लॉगजगत में फ़िलहाल इसकी आवश्यकता नहीं है… धन्यवाद

रचना गौड़ ’भारती’ said...

भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

परमजीत बाली said...

नियमित लेखन के लिए शुभकामनाऐं.
हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है|शुभकामनायें|

अशोक कुमार पाण्डेय said...

फंस गए आप भी आखिर ...
देर आये दुरुस्त आये
स्वागत

juhi said...

svaagat hai aapka
shrimaan jee

Nair said...

N.K. Thamban

Pawan Karan Badhai. Aap ka blog beautifull hai

Nair said...

Dear Pawanji

Aap ka jo blog hai bhahut sunder hai. Aap ko bahut badhai ho

Sarita Bhadkaria

संगीता पुरी said...

आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

Bahadur Patel said...

yah to bahut achchha hai.
badhai.

Sumit said...

Hoon, Not Bad,

vibhaav said...

पवन जी
आपके ब्लाग में आपकी कविता ही देखने पढ़ने को नहीं मिली। अपनी कविता को किताबों में बंद मत रखिए। आज ये देखकर बहुत खुशी हुई की आप भी ब्लाग जगत में हैं दुनिया के साथ।